The Commission
Professor (Dr.) Arun Kumar Bhagat is a well-known name in Hindi literature and journalism. He was born on 4 January 1969 in village Kasnagar under Saharsa district of Bihar state. He received his early education in the village primary and high school. He received his higher education in MJMC from Makhanlal Chaturvedi National Journalism and Communication University, Bhopal. After this, he received his PhD degree from Mahatma Gandhi Kashi Vidyapeeth, Varanasi.
You have gained vast experience in the field of journalism while working in various positions in many popular newspapers of our country in the field of news editing and compilation. After teaching for 14 years at the Noida campus of Makhanlal Chaturvedi National Journalism and Communication University, you have also been Atal Bihari Vajpayee Scholar at Nehru Memorial Museum and Library, Delhi. You have been the Chairman and Dean of the Department of Media Studies at Mahatma Gandhi Central University, Motihari. Till now, a total of 28 books written and edited by you have been published.
For Prof. Bhagat’s remarkable service in the field of literature and criticism, he was awarded the Rashtradharma Gaurav Samman: 2016 by Rashtradharma Patrika, Lucknow. In 2018, Uttar Pradesh Bhasha Sansthan, Lucknow honoured him with ‘Bhasha Mitra Samman’ on the occasion of Uttar Pradesh Foundation Day. Sahitya Akademi, Madhya Pradesh Sanskriti Parishad, Bhopal has announced to honour Dr. Arun Kumar Bhagat with the All India Acharya Ramchandra Shukla Criticism Award for the calendar year 2022. Dr. Bhagat has been given this All India Kriti Award for his book ‘Journalism: Creative Writing and Writing Process’. He has undertaken a cultural tour of Bhutan, Nepal, Mauritius and Fiji.
Government Responsibilities:
- Former Member, Executive Council, Mahatma Gandhi International Hindi University, Wardha.
- Former Member, Consultative Committee, Delhi School of Journalism, University of Delhi, Delhi.
- Former Member, Executive, Uttar Pradesh Hindi Institute, Lucknow, Government of Uttar Pradesh.
- Former Member, General Assembly, Uttar Pradesh Hindi Institute, Lucknow, Government of Uttar Pradesh.
- Former Member, Sahitya Akademi, the highest and autonomous literary body of India (supported by the Government of India).
- Former Project Director, Major Project, Indian Council for Social Science Research, New Delhi, Government of India.
- Former Member, Board of Management, Gautam Buddha University, Greater Noida.
- Former Trustee Member, National Book Trust, Delhi, Government of India.
- Former Member, Expert Committee, Hindi Sahitya Fellowship, Ministry of Culture, Government of India.
His Excellency the Governor of Bihar has been graciously pleased to nominate you as Hon’ble Member of the Bihar Public Service Commission, Patna on 16th July, 2020.
प्रोफेसर (डॉ.) अरुण कुमार भगत हिंदी साहित्य और पत्रकारिता के सुपरिचित हस्ताक्षर है। इनका जन्म बिहार प्रदेश के सहरसा जिला अन्तर्गत ग्राम कासनगर में 4 जनवरी 1969 ईस्वी को हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा गांव के प्राथमिक एवं उच्च विद्यालय में हुई। आपने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से एमजेएमसी की उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद आपने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से पीएचडी की शोधोपाधि प्राप्त की।
समाचार-संपादन और संकलन के क्षेत्र में अपने देश के अनेक लोकप्रिय समाचार-पत्रों में विभिन्न पदों पर काम करते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में सुदीर्घ अनुभव प्राप्त किया है। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नोएडा परिसर में 14 वर्षों तक अध्यापन करने के बाद आप नेहरू मेमोरियल म्यूज़ियम ऐंड लाइब्रेरी, दिल्ली में अटल बिहारी वाजपेयी अध्येता भी रहे हैं। आप महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी में मीडिया अध्ययन विभाग के अध्यक्ष और अधिष्ठाता रहे। अब तक आपके द्वारा लिखित और संपादित कुल 28 पुस्तकें प्रकाशित हैं।
साहित्य और समालोचना के क्षेत्र में प्रो. भगत की उल्लेखनीय सेवा-साधना के लिए उन्हें राष्ट्रधर्म पत्रिका, लखनऊ से राष्ट्रधर्म गौरव सम्मान : 2016 से अलंकृत किया गया। सन् 2018 में उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान, लखनऊ ने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर आपको ‘भाषा मित्र सम्मान’ से अलंकृत किया। साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, भोपाल ने डॉ॰ अरुण कुमार भगत को कैलेंडर वर्ष 2022 के लिए अखिल भारतीय आचार्य रामचंद्र शुक्ल आलोचना सम्मान से अलंकृत किए जाने की घोषणा की है। डॉ॰ भगत को यह अखिल भारतीय कृति पुरस्कार उनकी पुस्तक ‘पत्रकारिता : सर्जनात्मक लेखन और रचना प्रक्रिया’ के लिए प्रदान दिया गया है। आपने भूटान, नेपाल, मॉरिशस और फीजी देशों की सांस्कृतिक यात्रा की है।
शासकीय दायित्व : 1. पूर्व सदस्य, कार्य-परिषद्, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा।
- पूर्व सदस्य, परामर्शदात्री समिति, दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज्म, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली।
- पूर्व सदस्य, कार्यकारिणी, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ, उत्तर प्रदेश सरकार।
- पूर्व सदस्य, साधारण सभा, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ, उत्तर प्रदेश सरकार।
- पूर्व सदस्य, साहित्य अकादेमी, भारत की सर्वोच्च एवं स्वायत्तशासी साहित्यिक संस्था (भारत सरकार द्वारा संपोषित)।
- पूर्व परियोजना निदेशक, मेजर प्रोजेक्ट, इंडियन काउंसिल फॉर सोशल साइंस रिसर्च, नई दिल्ली, भारत सरकार।
- पूर्व सदस्य, बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा।
- पूर्व न्यासी सदस्य, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, दिल्ली, भारत सरकार।
- पूर्व सदस्य, विशेषज्ञ समिति, हिंदी साहित्य फेलोशिप, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार।
महामहिम राज्यपाल, बिहार ने आपको 16 जुलाई 2020 को बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के माननीय सदस्य के रूप में नामित करने की कृपा की।